Friday, September 24, 2021
34.1 C
Delhi
Homeदुनियातालिबान की हरकत से खुश है चीन और पाकिस्तान, इमरान खान बोले...

तालिबान की हरकत से खुश है चीन और पाकिस्तान, इमरान खान बोले – गुलामी की जंजीरों से मुक्ति मिली

- Advertisement -

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफगानिस्‍तान पर तालिबान के नियंत्रण पर अजीब बयान दिया है. उन्होंने इस मामले को ‘गुलामी की जंजीरों से मुक्ति’ बताया है. इमरान खान ने फिर से साबित कर दिया है कि वे तालिबान के बहुत बड़े समर्थक हैं. सोमवार को इस्लामाबाद में हुए एक प्रोग्राम के दौरान इमरान ने बयान दिया है कि तालिबान ने वास्तव में गुलामी की जंजीरों को तोड़ दिया है. इमरान खान ने एक बार फिर से अपने खतरनाक मंसूबे जाहिर कर दिए हैं. पाक पीएम इमरान खान ने सोमवार को तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता को कब्ज़ा करने का स्वागत किया है. इतना ही नहीं इस मामले में खतरनाक तालिबान का चीन और ईरान ने भी स्वागत किया है.

- Advertisement -

जैसा कि पाकिस्‍तान समर्थित संगठन तालिबान ने रविवार को राजधानी काबुल पर कब्ज़ा करने के साथ ही पूरे अफगानिस्‍तान को अपने नियंत्रण में कर लिया है जिसके बाद कट्टरपंथियों की वापसी को लेकर चिंता बढ़ गई हैं. अफगानिस्तान में तालिबान का राज लौटने से भले ही लाखों लोग परेशान हैं और वतन को छोड़ने पर मजबूर हैं लेकिन इस बात से चीन और पकिस्तान बेहद खुश हैं. चीन ने उम्मीद जताई है कि तालिबान का शासन स्थायी होगा. चीन ने तालिबान के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. चीन ने सोमवार को कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि तालिबान अपने वादे पर खरा उतरेगा और देश में खुली एवं समावेशी विचारों वाली सरकार बनाएगा.

- Advertisement -

जहां अफगानिस्तान में तालिबान के कब्ज़ा करने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन,ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने अपने दूतावासों को बंद कर दिया है और राजनयिकों को वापस निकाल रहा है वहीं चीन, पाकिस्तान और ईरान जैसे देशों ने तालिबान में अभी भी अपने दूतावासों में काम जारी रख रखा है. इन सभी देशों की तरफ से तालिबान की सरकार को मान्यता दिए जाने के भी संकेत मिले हैं. सभी ने समावेशी सरकार देने की बात कही है. बता दें कि अफगानिस्तान पर अब पूरी तरह से तालिबानियों का कब्ज़ा हो चुका है और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी पड़ोसी देश ताजिकिस्तान में शरण ले चुके हैं.

- Advertisement -

रविवार को जब काबुल पर तालिबान ने कब्जा कर लिया तब पाकिस्तान के कई इलाकों में खुशियां मनाई गईं, लोग काफिलों में निकले और मिठाइयां बांटी गई. अमेरिका सहित दुनिया के ज्यादातर देशों का मानना है कि पाकिस्तान ही तालिबान को हथियार और सैन्य मदद देता है. चीन, पाकिस्तान और ईरान जैसे देश अमेरिका के कई सारे मसलों पर विरोधी रहे हैं इसीलिए तालिबान पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं. चीन ने तो तालिबान सरकार के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाने को लेकर अपना बयान भी जारी कर दिया है.

- Advertisement -

न्यूज़ अपडेट

मनोरंजन