Thursday, August 5, 2021
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दिल्ली में कोरोना का उत्पात, ना बेड खाली है और ना श्मशान घाट।

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भारत में पिछले 24 घंटों में करीब 11,000 कोरोना वायरस मरीजों की पुष्टि हुई है। दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर काफी तेज़ी से जारी है। ताज़ा आंकड़ों के हिसाब से अभी तक भारत की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 36,824 हो चुकी है और 1214 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। अब दिल्ली में कोरोना वायरस की रफ़्तार लगभग दोगुनी रेट से बढ़ रही है। पहली बार दिल्ली में 24 घंटों में करीब 2100 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। रोज लगभग 60 से 70 लोगों की जान जा रही है। आलम ये है की अस्पतालों में न तो जल्दी बेड खाली मिल रहे हैं और ना श्मशान घाटों में शवदाह के लिए जगह। दिल्ली के 2 श्मशान घाटों को बढ़ा कर 4 कर दिया गया है फिर भी शव को जलने के लिए पर्याप्त जगह की किल्लत हो रही है। नए रिकार्ड्स पुराने रिकार्ड्स को तोड़ते जा रहे हैं। दिल्ली में लगभग 740 मौतें जून के इन 12 दिनों में हुई है जो की कुल मौतों का 60 प्रतिशत है। यानि अभी तक के कुल मौतों का 60 प्रतिशत सिर्फ 12 दिनों के आकड़ों में पूरा हो गया है। आकड़े बता रहे हैं की दिल्ली की हालत कितनी ख़राब है।

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9 जून को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने बयान में कहा था की जुलाई के अंत तक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगभग 5,50,000 हो सकते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी अपने बयान में अस्पतालों के बेड्स की कमी होने का जिक्र किया था। अब आलम ये है की मरीजों के लिए बड़े बड़े अस्पतालों में भी समुचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। सोशल मीडिया पर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों का हाल अक्सर देखने को मिल रहा है जहाँ मरीज जिंदगी और मौत के संघर्ष में बुरे हाल में लेटे हुए दिखते हैं। नर्स, डॉक्टर और वार्ड बॉय की भी कमी दिल्ली के अस्पतालों में देखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में परिस्थितियां दिल्ली सरकार के लिए और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी।

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