Thursday, August 5, 2021
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रूस में कोरोना वैक्सीन लगभग बनकर तैयार, अक्टूबर से शुरू होगा टीकाकरण।

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कोरोना संक्रमण के खतरनाक कहर के बीच रूस से एक खुशखबरी आ रही है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ऐलान किया है कि रूस में इसी साल अक्टूबर के महीने से बहुत बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस के टीकाकरण का कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच रूस की तरफ से यह एक अच्छा समाचार है। उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण के दौरान पहले चिकित्सा कर्मियों और शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। रूस अपनी एक्सपेरिमेंटल कोरोना वायरस वैक्सीन की 3 करोड़ डोज देश में बनाने की तैयारी में जुट गया है। इतना ही नहीं मॉस्को ने विदेशों में भी इस वैक्सीन की 17 करोड़ डोज बनाने का इरादा कर लिया है। एक विशेष सूत्र ने इसी सप्ताह न्यूज एजेंसी को बताया कि रूस की पहली संभावित कोरोना वैक्सीन जिसे एक अनुसंधान द्वारा विकसित किया गया है, इस वैक्सीन को अगस्त में लॉन्च किये जाने की पूरी उम्मीद है। इसको लेकर रूस अपनी पूरी प्लानिंग बनाने में जुटा हुआ है।

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कुछ दिनों पहले ही रूस को लेकर एक और बड़ी जानकारी आई थी जिसके मुताबिक रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन लाने का पूरा प्लान बना लिया है। सीएनएन ने बताया है कि दुनिया के कई देश फिलहाल कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं और इस बीच रूस 10 अगस्त तक दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दिलाने की कोशिशों में जुट गया है। रूस ने इसको लेकर खास रणनीति भी तैयार की है। रशिया डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के हेड किरिल दिमित्रीव ने बताया है कि इस हफ्ते एक महीने तक 38 लोगों पर चला पहला ट्रायल भी पूरा हो गया। रिसर्चर्स ने पाया है कि यह इस्तेमाल के लिए बिलकुल सुरक्षित है और साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित कर रही है। हालांकि, यह प्रतिक्रिया कितनी मजबूत है इस बात को लेकर अभी थोड़ा संशय है। अगले महीने इसे रूस में और सितंबर में दूसरे देशों में सहमति मिलने के साथ ही उत्पादन पर काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा।

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यह वैक्सीन रूस की राजधानी मॉस्को के गमलेई इंस्टिट्यूट (Gamaleya Institute) में विकसित की गई है और क्लिनिकल ट्रायल के लिए यहां डोज तैयार करने का काम चालू है जबकि दो प्राइवेट फार्मासूटिकल कंपनी Alium (Sistema conglomerate) और R-Pharm वैक्सीन की बॉटलिंग का काम करने की तयारी में है। दोनों कंपनी इस वक्त अपने लैब में अगले कुछ महीनों में उत्पादन की तैयारियां कर रही हैं। दिमित्रीव ने बताया है कि माना जा रहा है कि हर्ड कम्युनिटी के लिए रूस में 4 से 5 करोड़ लोगों को वैक्सीन देनी होगी, इसलिए हमें लग रहा है कि इस साल 3 करोड़ डोज तैयार करना सही रहेगा और हम अगले साल वैक्सिनेशन फाइनल कर पाएंगे। उन्होंने यह भी बताया है कि पांच देशों के साथ उत्पादन के लिए समझौते किए गए हैं और 17 करोड़ डोज विदेशों में भी बनाई जा सकती हैं। रूस की गमलेई की वैक्‍सीन पश्चिमी देशों की तुलना में अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस वैक्‍सीन का फेज 3 ट्रायल भी चल रहा है जिसमे रूस, सऊदी अरब और यूएई के हजारों लोग हिस्‍सा ले रहे हैं। माना जा रहा है कि रूस सितंबर अंत तक कोरोना की वैक्‍सीन बना लेगा।

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