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Thursday, January 28, 2021
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बाढ़ से पूरे उत्तर बिहार में हाहाकार।

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आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बिहार के करीब 10 जिलों में 9 लाख 60 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं और अभी तक आठ लोगों की मौत भी हो चुकी है। मुजफ्फरपुर में गंडक पारू, साहेबगंज व सरैया में तांडव मचा रखा है तो औराई, कटरा व गायघाट में बागमती ने स्थिति बदहाल कर दी है। बूढ़ी गंडक का पानी फैलने से मुजफ्फरपुर के निचले इलाके जलमग्न हैं। मिथिलांचल में भी स्थिति नहीं संभल रही है। दरभंगा-जयनगर एनएच 527 बी पर शनिवार को बाढ़ का पानी एनएच के ऊपर आ गया। उत्तर बिहार के कई जिलों में आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। लोग एक से दूसरे जिले नहीं जा पा रहे हैं। लॉकडाउन के कारण बसों का परिचालन 16 जुलाई से ही लगभग बंद है। बाढ़ के कारण उत्तर बिहार में चल रही आधा दर्जन विशेष ट्रेनों का परिचालन भी ठप हो गया है। उत्तर बिहार के ज्यादातर जिलों में लोगों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। निजी वाहन भी लॉकडाउन में नहीं चल रहे हैं ताकि लोग उसका भी सहारा ले सकें।

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मोतिहारी में तटबंध टुटने से गंडक नदी का पानी संग्रामपुर के छह पंचायतों के साथ केसरिया के तीन व कोटवा के दो पंचायतों में प्रवेश कर गया है। जिले में करीब एक से डेढ लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। संग्रामपुर के उत्तर व दक्षिणी भवानीपुर पंचायत, बरियरिया टोला, दक्षिणी बरियरिया, जलहा, केसरिया के धनगड़रहा, सरोतर, गढवा खजुरिया व कोटवा के चांद परसा व अहिरौलिया में गंडक का पानी फैल चुका है। गांव के लोग ऊंचे स्थान व एनएच के किनारे शरण लिए हुए हैं। दो रेल लाइन जयनगर से समस्तीपुर और समस्तीपुर से वाया मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रूट पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है। इसी दो लाइनों पर उत्तर बिहार के अधिकांश जिले हैं। बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर दरभंगा व सुगौली में रेलवे ब्रिज के गार्डर तक पानी पहुंच गया है। यात्री की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने इन दोनों लाइन पर चलने वाली ट्रेनों का परिचालन रूट बदल दिया है।

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उत्तर बिहार में करीब आठ लाख लोग बाढ़ प्रभावित बताये जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर में करीब डेढ़ लाख, पूर्वी चंपारण में दो लाख, दरभंगा में डेढ़ लाख, पश्चिम चंपारण व समस्तीपुर में करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सहायता के नाम पर मुजफ्फरपुर में करीब छह, पूर्वी चंपारण में एक दर्जन, दरभंगा में भी आधा दर्जन सामुदायिक किचन चालू करने का दावा किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग विभाग के अपर सचिव रामचंद्रू डू ने बताया कि बाढ़पीड़ितों के बीच 28 राहत कैंप चलाये जा रहे हैं और 192 जगहों पर सामुदायिक रसोई चलायी जा रही हैं जिनमें 81 हजार से अधिक लोगों को भोजन कराया जा रहा है। सर्वाधिक सामुदायिक रसोई दरभंगा में 122 स्थापित शुरू की गयी हैं। गोपालगंज में 14,पूर्वी चंपारण में 27,सीतामढ़ी में तीन,शिवहर में तीन, मुजफ्फरपुर में 15 और खगड़िया में एक सामुदायिक रसोई चल रही है।

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