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Tuesday, April 20, 2021
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सवालों के घेरे में आयी पहली कोरोना वैक्सीन, क्या रूस ने बनायीं साइड इफेक्ट वाली वैक्सीन।

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पूरी दुनिया कोरोना वायरस से तबाह है। ऐसे में सभी देश के वैज्ञानिक इस वायरस की सटीक वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। अब रूस ने दावा किया है कि उसने सफल कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली है और इसे रूस में मंज़ूरी भी दे दी गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी बेटी को भी वैक्सीन लगाए जाने की बात बताई और मंगलवार को रूस में वैक्सीन की मंजूरी भी दे दी गई है। रूस ने इस वैक्सीन का नाम “स्पुतनिक वी” दिया है। रूस की भाषा में “स्पुतनिक” शब्द का अर्थ होता है सैटेलाइट। रूस ने ही विश्व का पहला सैटेलाइट बनाया था। पुतिन ने कहा कि इस टीके का इंसानों पर दो महीने तक परीक्षण किया गया और ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है।

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लेकिन इस वैक्सीन को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। रूस ने काफी तेज़ी से कोरोना वैक्सीन विकसित करने का जो दावा किया है, उसको देखते हुए विश्व के वैज्ञानिक इसको लेकर काफी चिंता जता रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ-साथ दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक अब खुल कर इस वैक्सीन का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि इस वैक्सीन का साइड इफेक्ट भी नजर आया है। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी के साथ कई देश और विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैज्ञानिक वैक्सीन पर आपत्ति जता रहे हैं। इसके रजिस्ट्रेशन के अंतराल पेश किए जाने वाले दस्तावेजों से कई खुलासे भी हो रहे हैं। अन्य देशों का कहना है कि दस्तावेजों के अनुसार वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर पूरी क्लीनिकल स्टडी भी नहीं हुई है। रूस के वैक्सीन को दुनिया के कई देश शक की नज़र से देख रहे हैं।

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मॉस्को के गेमालेया इंस्टीट्यूट में विकसित इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान स्वास्थ्य सेफ्टी से जुड़े डेटा अभी तक जारी नहीं किए गए हैं जिसके कारण दूसरे देशों के वैज्ञानिक ये स्टडी नहीं कर पाए हैं कि रूस का दावा कितना सही है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भी रूस से वैक्सीन के बारे में कई जानकारी मांगी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रूसी सरकार से वैक्सीन के बारे में तमाम रिसर्च को जारी करने को कहा है। डेली मेल के रिपोर्ट के मुताबिक 38 वॉलंटियर्स को ही केवल ये वैक्सीन दिए गए हैं। वैक्सीन देने के बाद उनमें 144 तरह के साइड इफेक्ट का दावा अखबार ने किया है। यह भी कहा गया है कि ट्रायल के 42 वें दिन तक 31 वॉलंटियर्स में साइड इफेक्ट नजर आ रहे हैं। रूस की यह वैक्सीन अब पूरी दुनिया में सवालों के घेरे में है।

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