Tuesday, November 30, 2021
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स्थापना दिवस पर लालू बोले :चुनाव के वक्त हम तड़पते रहे लेकिन बाहर नहीं आ सके

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राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोमवार को अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया। आज पार्टी की सिल्वर जुबली समारोह थी। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने करीब 30 मिनट तक राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि तेजस्वी और राबड़ी देवी ने रांची पहुंचकर मुझे इलाज के लिए दिल्ली ले आये क्योंकि मेरी हालत रांची में बहुत खराब थी और अगर सही समय पर इलाज नहीं होता तो कुछ भी हो सकता था। मैं धन्यवाद देता हूं एम्स के डाॅक्टरों को जिन्होंने बेहतर ईलाज की। फिलहाल खाने-पीने पर परहेज है। अपने वर्चुअल संबोधन में उन्होंने ऐलान किया कि वह जल्द बिहार आएंगे और लोगों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ पटना ही नहीं बल्कि वो राज्य के हर जिले का भ्रमण करेंगे। उन्होंने बताया कि RJD का गठन कैसे हुआ। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि जब हम जनता दल से अलग हटे तभी हमें पता था कि क्या करना है। ऐसे में सभी सहयोगियों के साथ बिहार भवन में सम्मलेन कर पार्टी का गठन किया। नाम को लेकर जब बात उठी तब मैंने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रामकृष्ण हेगड़े से पार्टी के नाम के लिए सुझाव मांगा तो उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल नाम सुझाया। इसके बाद पार्टी का गठन हुआ और तब से लगातार हमलोग संघर्ष कर रहे। उन्होंने कहा पुराने लोगों को याद होगा कि हमने कितना संघर्ष किया। आज हमें खुशी है कि लगातार संघर्ष और आन्दोलन के बल पर बिहार में नम्बर वन की पार्टी राजद है।

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उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान वह जेल में तड़पते रहे गए लेकिन बाहर नहीं आ सके जिसके चलते उन्हें इस बात का मलाल है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी से उनकी बात होती रहती थी। तेजस्वी ने उन्हें कहा चिंता नहीं करनी चाहिए। राजद का भविष्य उज्ज्वल है और भविष्य में हम देश को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे साथ जनता की ताकत है। झारखंड में भी हमने राज किया। निकट भविष्य में हम देश को आगे बढ़ाएंगे। आज महंगाई और बेरोजगारी ने देश की कमर तोड़ दी है महंगाई और बेरोजगारी कोरोना से भी बड़ी महामारी हो गई है। सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण किया जा रहा जो कि देश के लिए अच्छा नहीं है। महंगाई इतनी है कि मत पूछिए। हमारे कार्यकाल में ऐसा होता तो लोग चलने नहीं देते। आज घी का दाम पीछे छूट गया है और पेट्रोल-डीजल आगे निकल गया। इस दौरान RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने केंद्र और नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरा राज जंगलराज नहीं बल्कि गरीबों का राज था। उन्होंने कहा कि आज देश को पीछे धकेल दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश हजारों वर्ष पीछे चला गया है। इसकी पूर्ति करना मुश्किल है। सामाजिक ताना-बाना बदल गया है। सत्ता के लिए देश को बर्बाद किया जा रहा है। ऐसे में आरजेडी कार्यकर्ता सामाजिक ताना-बाना को मजबूत रखने के लिए लोगों को प्रेरित करें। हम पीछे नहीं हटेंगे। मिट जाएंगे, लेकिन टूटेंगे नहीं। पार्टी को मजबूत करने का कार्यकर्ता काम करें। हमारी पार्टी ही तमाम समस्याओं निजात दिलाएगी।

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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि 25वें रजत जयन्ती के अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी को उनके साहस और जिवटता के प्रति नमन करता हूं। जब पार्टी का गठन हुआ तब मैं बहुत छोटा था। उस समय चुनाव आयोग के द्वारा दिये गये लालटेन चुनाव चिन्ह को राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने हमलोगों को दिखाया। जब जनता दल था जिसका चुनाव चिन्ह चक्र था तो हमलोग लालू जी के नारों को सुनकर बच्चे होते हुए भी साथ में नारा लगाया करते थे कि ‘‘जिसके हाथ में चक्का है, जीत उसी का पक्का है’’। उन्होंने कहा कि हमलोगों से अगर कोई कमी रह गयी हो तो हम माफी मांगते हैं क्योंकि वही व्यक्ति अच्छा होता है जो अपनी गलती को मानकर तथा माफी मांगकर आगे बढ़ता वही सभी के दिल में उतरता है। उसी का परिणाम रहा कि 2020 के चुनाव में लालू जी के विचार के साथ सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता तथा ए टू जेड को जोड़कर आगे बढ़ा और लोगों ने राजद पर विश्वास करके बिहार का नम्बर वन पार्टी बनाया। लालू जी को देखकर हम सबका आज उत्साह बढ़ा है। वह हमेशा बिहार और देश की स्थिति को लेकर चिंतित रहते हैं। चुनाव में कार्यकर्ताओं ने जिस मेहनत और बिना संसाधन के जनता को जोड़ने का काम किया काबिले तारिफ है। लालू जी ने महापुरूषों के प्रेरणा से राजद का गठन किया। उन्होंने महात्मा गांधी, भीमराव अम्बेदकर,लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश, जननायक कर्पूरी ठाकुर, पेरियार, खान अब्दुल गफ्फार खान, महात्मा फूले सहित अन्य के विचारों को जोड़कर राजद को आगे बढ़ाया।

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तेजस्वी जी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक अणे मार्ग से निकलते नहीं हैं और निकलते हैं तो जनता के बीच पर्दा डालते हैं जबकि लालू जी ने हमेशा खेत-खलिहान, मजदूर, नौजवान के बीच बैठकर उनके समस्याओं को सुना और निराकरण किया। यह गिरी हुई सरकार है, इनसे उम्मीद करना बेकार है। चोर दरवाजे से जनमत का हरण करके दबाव डालकर महागठबंधन को पन्द्रह से बीस सीटों पर हराने का कार्य किया गया। जबकि 1 करोड़ 56 लाख महागठबंधन को तथा हमसे 12 हजार अधिक एनडीए को वोट मिला। हमारे खिलाफ मोर्चे पर मोर्चाबंदी की गई। इ0डी0, सीबीआई और अन्य एजेंसियों का सहारा लेकर देश में विपक्ष के आवाज को दबाने का प्रयास चल रहा है। इसी साजिश का शिकार लालू जी भी बनें। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना काल में नीतीश कुमार समीक्षा बैठक नहीं बल्कि भिक्षा बैठक करके यह पता करवाते थे कि दवाई, ऑक्सीजन, एम्बुलेंस और प्राइवेट क्लिनिक से कितनी कमाई हुई। जनता के दुख दर्द से इन्हें कभी मतलब नहीं रहा। सड़क से सदन तक राजद ने 370, जीएसटी, नोटबंदी, महंगाई पर आन्दोलन किया और दवाई, कमाई, पढ़ाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई वाली सरकार बनानी चाही लेकिन सृजन चोर सत्ता का भी चोरी किया और बेशर्मी से सत्ता में बैठे हुए हैं।

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