Friday, September 24, 2021
29.1 C
Delhi
Homeदेशअन्य राज्यपत्नी के बिना जी नहीं सका शख्स, उसी जगह लगायी फांसी जहाँ

पत्नी के बिना जी नहीं सका शख्स, उसी जगह लगायी फांसी जहाँ

- Advertisement -

24 जुलाई को उसकी पत्नी की मौत हो गई थी. इस बात का उसे ऐसा सदमा था की वह शख्स रोज अंतिम संस्कार स्थल पर जाकर अपनी पत्नी को याद करके रोया करता था. वह ड्यूटी पर भी नहीं जा पा रहा था. रोज की तरह बुधवार को भी वह शख्स पत्नी के अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचा और जोर-जोर से रोने लगा. आखिरकार थोड़ी ही देर में श्मशान में ही बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर उसने ख़ुदकुशी कर ली. करीब 2 माह पहले आरक्षक मनीष शादी के बंधन में बंधे थे. दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे को बेहद प्यार करते थे. 17 दिन पहले घर में लगे टाइल्स से फिसलकर उनकी पत्नी हेमलता का निधन हो गया था. पत्नी की मौत के बाद से ही आरक्षक मनीष काफी दुखी रहता था. ग्रामीणों ने बताया की पत्नी की असमय मृत्यु से आहत आरक्षक पति रोज़ाना अंतिम संस्कार स्थल पर जाकर अपनी पत्नी को याद करके रोया करता था.husband-wife

- Advertisement -

सबसे बड़ी बात यह है की पुलिसकर्मी ने उसी स्थान पर जाकर फांसी लगाई जहां पर उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया था. मामला छत्तीसगढ़ के बालोद का है. दरअसल, बालोद पुलिस को टेकापार के रहने वाले मनीष नेताम की फांसी से लटकती लाश मिलने की खबर मिली. मृतक आरक्षक मनीष नेताम धमतरी जिले के बोरई थाने में तैनात था. दो माह पहले ही उसकी शादी हुई थी. पत्नी के वियोग में उसने अपनी जान दे दी. आत्महत्या से पहले उसने व्हाट्सऐप पर सुसाइड नोट अपने भाई को भेजा, जिसकी खबर फैलते ही गाँव में हड़कंप मच गया. सुसाइड नोट में आरक्षक मनीष नेताम ने लिखा कि, ‘सिर्फ दो माह ही हुए थे हमारी शादी को ,मैं लता को भूल ही नहीं पा रहा हूं. इतनी मेहनत से सभी घर के लोगों ने मिलकर नया घर बनाया था और जल्दी से शादी भी करवाई थी, सब चीजें सही चल रही थी, फिर पता नहीं भगवान को क्या मंज़ूर था, इसलिए अब इस घर में रहने का जरा भी मन नहीं करता. मनीष नेताम का भी अंतिम संस्कार उसी स्थान पर किया गया, जहां 17 दिन पहले उसकी पत्नी का दाह संस्कार किया गया था. पूरे गांव ने नम आंखों से मनीष को अंतिम विदाई दी.manish-2

- Advertisement -

न्यूज़ अपडेट

मनोरंजन